NEEHARIKANJALI
Poet
Jaishankar Prasad


नाम- जयशंकर प्रसाद
जन्मतिथि- 30-Jan-1890
निधन- 15-Nov-1937
जन्मस्थान- वाराणसी, उत्तर प्रदेश, भारत
शिक्षा- स्कूली शिक्षा आठवीं तक किंतु घर पर ही संस्कृत, अंग्रेज़ी, पाली, प्राकृत भाषाओं का अध्ययन. इसके बाद भारतीय इतिहास, संस्कृति, दर्शन, साहित्य और पुराण कथाओं का एकनिष्ठ स्वाध्याय
सम्प्रति- पिता देवी प्रसाद तंबाकू और सुंघनी का व्यवसाय करते थे. वाराणसी में इनका परिवार सुंघनी साहू के नाम से प्रसिद्ध था
लेखन विधा- कविता, कहानी, नाटक, उपन्यास और आलोचनात्मक निबंध आदि विभिन्न विधाओं में रचनाएं
प्रकाशित रचनायें- काव्य- झरना, आँसू, लहर, कामायनी, प्रेम पथिक, नाटक- स्कंदगुप्त, चंद्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी, जन्मेजय का नाग यज्ञ, राज्यश्री, कहानी संग्रह- छाया, प्रतिध्वनि, आकाशदीप, आंधी, इन्द्रजाल, उपन्यास- कंकाल, तितली, इरावती
विशेष- महाकवि के रूप में सुविख्यात जयशंकर प्रसाद (1889-1937) हिंदी नाट्य जगत और कथा साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रखते हैं. तितली, कंकाल और इरावती जैसे उपन्यास और आकाशदीप, मधुआ और पुरस्कार जैसी कहानियाँ उनके गद्य लेखन की अपूर्व ऊँचाइयाँ हैं. छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक. एक महान लेखक के रूप में प्रख्यात. विविध रचनाओं के माध्यम से मानवीय करूणा और भारतीय मनीषा के अनेकानेक गौरवपूर्ण पक्षों का उद्घाटन. 48 वर्षो के छोटे से जीवन में कविता, कहानी, नाटक, उपन्यास और आलोचनात्मक निबंध आदि विभिन्न विधाओं में रचनाएं
जीवन परिचय- 30 जनवरी 1890 को वाराणसी, उत्तर प्रदेश, भारत में जन्म. पिता देवी प्रसाद तंबाकू और सुंघनी का व्यवसाय करते थे. वाराणसी में इनका परिवार सुंघनी साहू के नाम से प्रसिद्ध था. स्कूली शिक्षा आठवीं तक किंतु घर पर ही संस्कृत, अंग्रेज़ी, पाली, प्राकृत भाषाओं का अध्ययन. इसके बाद भारतीय इतिहास, संस्कृति, दर्शन, साहित्य और पुराण कथाओं का एकनिष्ठ स्वाध्याय.

महाकवि के रूप में सुविख्यात जयशंकर प्रसाद (1889-1937) हिंदी नाट्य जगत और कथा साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रखते हैं. तितली, कंकाल और इरावती जैसे उपन्यास और आकाशदीप, मधुआ और पुरस्कार जैसी कहानियाँ उनके गद्य लेखन की अपूर्व ऊँचाइयाँ हैं. छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक. एक महान लेखक के रूप में प्रख्यात. विविध रचनाओं के माध्यम से मानवीय करूणा और भारतीय मनीषा के अनेकानेक गौरवपूर्ण पक्षों का उद्घाटन. 48 वर्षो के छोटे से जीवन में कविता, कहानी, नाटक, उपन्यास और आलोचनात्मक निबंध आदि विभिन्न विधाओं में रचनाएं.
15 नवम्बर 1937 को वाराणसी में निधन

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कविता संग्रह


क्रम कविता का शीर्षक कविता देखी गयी
1 कामायनी- चिंता 135873
2 कामायनी- आशा 154895
3 कामायनी- श्रद्धा 123717




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